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टेक्नोलॉजी और कर्तव्यो का समन्वय

आज साल का आखिरी दिन है। सब लोग चाहते है, की साल का आखिरी दिन को हस्ते खेलते अपने यार और दोस्तो व अपने परिवार के साथ बिताते हुए अलविदा दे।  और ये सब जायज़ भी है, और लाजमी भी।
       हम लोग अपनी ज़िंदगी मे काफी हद तक व्यस्त भी हो चुके है। और हम टेक्नोलॉजी का भी बखूबी फायदा उठा रहे है। परंतु हमे ये भी याद रखना चाहिए कि तकनीक हमारे काम को आसान करने के लिए बनाई गई थी ना कि उससे दुसरो को हानि देने के लिए, पर सब इस बात से भी अवगत जरूर होंगे कि हर वस्तु विशेष के साथ उसका लाभ जुड़ा होता है तो दूसरी और उसकी हानि भी जुड़ी हुई होती है।
       और अब तक तो हमे ये भी एहसास हो गया होगा कि हम लोग बुरी चीजो की तरफ बहुत जल्दी आकर्षित होते है और जबकि उसी वस्तु की अच्छी बातों को नकार कर देते है क्योंकि हमें लगता है कि वो आसान है और उन्हें करने मे भी मजा आता है अब अगर यही सोचे कि आसानी से मिलने वाली चीजों की अगर कोई कदर होती तो दुनिया कितनी खूबसूरत होती पर सच्चाई इससे एक दम उलट है। अतः हमें चाहिए कि हम वस्तुओ को सहजता से रखे और उनका उपयोग करे न कि दुरूपयोग मानता हूं कि जिन्हें इसकी आदत नही उन्हें करने मे थोड़ा वक्त लगेगा परंतु इसके लिए एक कहावत भी प्रसिद्ध है -" करत करत आभ्ह्यास के जड़मति होत सूजान रसरी आवत जात है सील पर पड़त निशान!"
       हमे अपने काम करते हुए ये भी ध्यान रखना चाहिए कि आसपास क्या हो रहा है और कभी भी कुछ गलत होता दिखाई दे तो चुप कभी नही बैठे ये केवल बोलने या सुनने की बात नही इस बात मैं 100 टक्का की सच्चाई है। क्योंकि आज किसी और के साथ बीत रही कल हो सकता है आपके साथ भी वही घटना हो जाये भगवान ने करे, तो हमेशा सच का साथ दे और और अपनों का भी उसी सिद्दत से साथ दे और सबका भला भी करे तो बिना किसी मोल के, इसके पीछे भी एक कहावत है-" नेकी कर दरिया मे डाल" अर्थात अच्छा करो और भूल जाओ पर आपने जिसके साथ अच्छा किया होगा वो कभी नही भूलेगा आपको और आपकी अच्छाई को। और कब पता इस दुनिया मे कौन काम आजाए।
        भला करने मे जो मजा है और सुकून है वो किसी की बुराई करने मे भी नही मिलती और ये भी सच है आजमा कर देख सकते हो आप!!
        ऐसी ही कुछ और बातें और टेक न्यूज़ आप से शेयर करता रहूंगा बस अपना प्यार और आशीर्वाद बनाये रखना ।
        आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं 2018।

      

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